Soj-e-vatan (Hindi Stories)

सोजे वतन

Nonfiction, Health & Well Being, Self Help, Self Improvement, Stress Management, Fiction & Literature
Cover of the book Soj-e-vatan (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द, Bhartiya Sahitya Inc.
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
Author: Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द ISBN: 9781613011874
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc. Publication: July 25, 2013
Imprint: Language: Hindi
Author: Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
ISBN: 9781613011874
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc.
Publication: July 25, 2013
Imprint:
Language: Hindi
सोज़े वतन यानी देश का दर्द -- दर्द की एक चीख़ की तरह ये कहानियाँ जब एक छोटे-से किताबचे की शक्ल में आज से बावन बरस पहले निकली थीं, वह ज़माना और था। आज़ादी की बात भी हाकिम का मुँह देखकर कहने का उन दिनों रिवाज़ था। कुछ लोग थे जो इस रिवाज़ को नहीं मानते थे। मुंशी प्रेमचंद भी उन्हीं सरफिरों में से एक थे। लिहाज़ा सरकारी नौकरी करते हुए मुंशीजी ने ये कहानियाँ लिखीं, जिसमें मुंशीजी की सबसे पहली छोटी कहानी ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ भी शामिल है। नवाब राय के नाम से। और खुफ़िया पुलिस ने सुराग पा लिया कि यह नवाब राय कौन हैं। हमीरपुर के कलक्टर ने फ़ौरन मुंशीजी को तलब किया और मुंशीजी बैलगाड़ी पर सवार होकर रातों रात कुल पहाड़ पहुंचे जो कि हमीरपुर की एक तहसील थी और जहाँ उन दिनों कलक्टर साहब का क़याम था। सरकारी छानबीन पक्की थी और अपना जुर्म इक़बाल करने के अलावा मुंशीजी के लिए दूसरा चारा न था। बहुत-बहुत गरजा बमका कलक्टर—ख़ैर मनाओ कि अंग्रेजी अमलदारी में हो, सल्तनत मुग़लिया का ज़माना नहीं है, वर्ना तुम्हारे हाथ काट लिये जाते! तुम बग़ावत फैला रहे हो!… मुंशीजी अपनी रोज़ी की ख़ैर मनाते खड़े रहे। हुक्म हुआ कि इसकी कापियाँ मँगाओ। कापियाँ आयीं और आग की नज़र कर दी गयीं।
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
सोज़े वतन यानी देश का दर्द -- दर्द की एक चीख़ की तरह ये कहानियाँ जब एक छोटे-से किताबचे की शक्ल में आज से बावन बरस पहले निकली थीं, वह ज़माना और था। आज़ादी की बात भी हाकिम का मुँह देखकर कहने का उन दिनों रिवाज़ था। कुछ लोग थे जो इस रिवाज़ को नहीं मानते थे। मुंशी प्रेमचंद भी उन्हीं सरफिरों में से एक थे। लिहाज़ा सरकारी नौकरी करते हुए मुंशीजी ने ये कहानियाँ लिखीं, जिसमें मुंशीजी की सबसे पहली छोटी कहानी ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ भी शामिल है। नवाब राय के नाम से। और खुफ़िया पुलिस ने सुराग पा लिया कि यह नवाब राय कौन हैं। हमीरपुर के कलक्टर ने फ़ौरन मुंशीजी को तलब किया और मुंशीजी बैलगाड़ी पर सवार होकर रातों रात कुल पहाड़ पहुंचे जो कि हमीरपुर की एक तहसील थी और जहाँ उन दिनों कलक्टर साहब का क़याम था। सरकारी छानबीन पक्की थी और अपना जुर्म इक़बाल करने के अलावा मुंशीजी के लिए दूसरा चारा न था। बहुत-बहुत गरजा बमका कलक्टर—ख़ैर मनाओ कि अंग्रेजी अमलदारी में हो, सल्तनत मुग़लिया का ज़माना नहीं है, वर्ना तुम्हारे हाथ काट लिये जाते! तुम बग़ावत फैला रहे हो!… मुंशीजी अपनी रोज़ी की ख़ैर मनाते खड़े रहे। हुक्म हुआ कि इसकी कापियाँ मँगाओ। कापियाँ आयीं और आग की नज़र कर दी गयीं।

More books from Bhartiya Sahitya Inc.

Cover of the book Meri Kahania-Jaishankar Prasad-1(Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Kamayani (Hindi Epic) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Meri Kahaniyan-Vishnu Prabhakar (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Gupt Dhan-1 (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Pragatisheel (Hindi Novel) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-27 by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Gramya Jivan Ki Kahaniyan (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Prem Prasun (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Premmurti Bharat (Hindi Religious) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-30 by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Meri Kahaniyan-Zeelani Bano (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Ek Nadi Do Paat (Hindi Novel) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Sambhavami Yuge Yuge-1 (Hindi Novel) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Main Naa Manu (Hindi Novel) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
Cover of the book Meri Kahaniyan-Manohar Shyam Joshi (Hindi Stories) by Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्द
We use our own "cookies" and third party cookies to improve services and to see statistical information. By using this website, you agree to our Privacy Policy