Suraj Ka Satvan Ghoda (Hindi Novel)

सूरज का सातवाँ घोड़ा (उपन्यास)

Nonfiction, Reference & Language, Foreign Languages, Indic & South Asian Languages, Romance, Contemporary
Cover of the book Suraj Ka Satvan Ghoda (Hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती, Bhartiya Sahitya Inc.
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
Author: Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती ISBN: 9781613012581
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc. Publication: August 12, 2013
Imprint: Language: Hindi
Author: Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
ISBN: 9781613012581
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc.
Publication: August 12, 2013
Imprint:
Language: Hindi
सूरज का सातवाँ घोड़ा, एक कहानी में अनेक कहानियाँ नहीं, अनेक कहानियों में एक कहानी है। वह एक पूरे समाज का चित्र और आलोचन है; और जैसे उस समाज की अनंत शक्तियाँ परस्पर-संबद्ध, परस्पर आश्रित और परस्पर संभूत हैं, वैसे ही उसकी कहानियाँ भी। प्राचीन चित्रों में जैसे एक ही फलक पर परस्पर कई घटनाओं का चित्रण करके उसकी वर्णनात्मकता को संपूर्ण बनाया जाता है, उसमें एक घटना-चित्र की स्थिरता के बदले एक घटनाक्रम की प्रवाहमयता लायी जाती है, उसी प्रकार इस समाज-चित्र में एक ही वस्तु को कई स्तरों पर, कई लोगों से और कई कालों में देखने और दर्शाने का प्रयत्न किया गया है, जिससे उसमें देश और काल दोनों का प्रसार प्रतिबिंबित हो सके। लंबाई और चौड़ाई के दो आयामों के फलक में गहराई का तीसरा आयाम छाँही द्वारा दिखाया जाता है; समाज-चित्र में देश के तीन आयामों के अतिरिक्त काल के भी आयाम आवश्यक होते हैं और उन्हें दर्शाने के लिए चित्रकार को अन्य उपाय ढूँढ़ना आवश्यक होता है। वह चित्र सुंदर, प्रीतिकर या सुखद नहीं है; क्योंकि उस समाज का जीवन वैसा नहीं है और भारती ने चित्र को यथाशक्य सच्चा उतारना चाहा है। पर वह असुंदर या अप्रीति कर भी नहीं, क्योंकि वह मृत नहीं है, न मृत्युपूजक ही है। उसमें दो चीजें हैं जो उसे इस खतरे से उबारती हैं - और इनमें से एक भी काफी होती है : एक तो उसका हास्य, भले ही वह वक्र और कभी कुटिल या विद्रूप भी हो; दूसरे एक अदम्य और निष्ठामयी आशा। वास्तव में जीवन के प्रति यह अडिग आस्था ही सूरज का सातवाँ घोड़ा है।
View on Amazon View on AbeBooks View on Kobo View on B.Depository View on eBay View on Walmart
सूरज का सातवाँ घोड़ा, एक कहानी में अनेक कहानियाँ नहीं, अनेक कहानियों में एक कहानी है। वह एक पूरे समाज का चित्र और आलोचन है; और जैसे उस समाज की अनंत शक्तियाँ परस्पर-संबद्ध, परस्पर आश्रित और परस्पर संभूत हैं, वैसे ही उसकी कहानियाँ भी। प्राचीन चित्रों में जैसे एक ही फलक पर परस्पर कई घटनाओं का चित्रण करके उसकी वर्णनात्मकता को संपूर्ण बनाया जाता है, उसमें एक घटना-चित्र की स्थिरता के बदले एक घटनाक्रम की प्रवाहमयता लायी जाती है, उसी प्रकार इस समाज-चित्र में एक ही वस्तु को कई स्तरों पर, कई लोगों से और कई कालों में देखने और दर्शाने का प्रयत्न किया गया है, जिससे उसमें देश और काल दोनों का प्रसार प्रतिबिंबित हो सके। लंबाई और चौड़ाई के दो आयामों के फलक में गहराई का तीसरा आयाम छाँही द्वारा दिखाया जाता है; समाज-चित्र में देश के तीन आयामों के अतिरिक्त काल के भी आयाम आवश्यक होते हैं और उन्हें दर्शाने के लिए चित्रकार को अन्य उपाय ढूँढ़ना आवश्यक होता है। वह चित्र सुंदर, प्रीतिकर या सुखद नहीं है; क्योंकि उस समाज का जीवन वैसा नहीं है और भारती ने चित्र को यथाशक्य सच्चा उतारना चाहा है। पर वह असुंदर या अप्रीति कर भी नहीं, क्योंकि वह मृत नहीं है, न मृत्युपूजक ही है। उसमें दो चीजें हैं जो उसे इस खतरे से उबारती हैं - और इनमें से एक भी काफी होती है : एक तो उसका हास्य, भले ही वह वक्र और कभी कुटिल या विद्रूप भी हो; दूसरे एक अदम्य और निष्ठामयी आशा। वास्तव में जीवन के प्रति यह अडिग आस्था ही सूरज का सातवाँ घोड़ा है।

More books from Bhartiya Sahitya Inc.

Cover of the book Kayakalp (Hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-41 by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Mera Jivan Tatha Dhyeya (Hindi Self-help) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Piya Ki Gali (Hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Neelambara (Hindi Poetry) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Vyaktitwa ka Vikas (Hindi Self-help) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Vardaan (Hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Meri Kahaniyan-Agyeya (Hindi Stories) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-20 by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Gunahon Ka Devta (Hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Parampara (hindi Novel) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Kafan (Hindi Stories) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Bhagwan Buddh Ki Vani(Hindi Self-help) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Premchand Ki Kahaniyan-24 by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
Cover of the book Divya Sandesh (Hindi Self-help) by Dharmaveer Bharti, धर्मवीर भारती
We use our own "cookies" and third party cookies to improve services and to see statistical information. By using this website, you agree to our Privacy Policy